शनिवार, जून 23, 2018

Introduction to Omkareshwar ऐतिहासिक महत्व

ओंकारेश्वर मध्यप्रदेश राज्य में एक ऐसा नगर है, जो अपने लम्बे धार्मिक इतिहास तथा वास्तु शिल्पीय स्थलों एवं आध्यात्मिक उत्कर्ष पर गर्व करता है । यह नगर निःसन्देह भारत स्थित एक महत्वपूर्ण तीर्थयात्री गन्तव्य स्थल है क्योंकि यह 12 ज्योतिर्लिंगों (भगवान शिव के लैंगिक प्रकटीकरण) में से एक निवास है जो श्री ओंकार मान्धाता मन्दिर में स्थित है ।
पवित्र नदी नर्मदा नदी के बाएं तट पर स्थित, ओंकारेश्वर नगर का नैसर्गिक सौंदर्य इसके भौतिक आकार में है, जो कि ऊपर से अवलोकन करने पर पवित्र ध्वनी 'ऊँ' के ध्वनि प्रतीक का प्रकटीकरण है। नर्मदा नदी बाएं किनारे पर विशाल विंध्य पहाड़ियों तथा दाएं किनारे पर सतपुड़ा पर्वतों के मध्य कलकल ध्वनि से बहती है।
वस्तुतः इस नगर का नाम इस तथ्य से खोजा जा सकता है क्योंकि ऐसा विश्वास किया जाता है कि ओंकार भगवान के रूप में भगवान शिव का अवतार है । यदि सतयुग के सत्य वाले युग में जाएं तो पुराणों की लिपि में लिखी गई ओंकारेश्वर की किवदन्ती यहां द्वीप के निर्माण तथा उसके स्वरूप के संबंध में एक रोचक कथा प्रस्तुत करती है।
ओंकारेश्वर का चित्रांकन सर्वोत्तम रूप से विशिष्ट संरचनात्मक तथा सौंदर्यात्मक अभिकल्पना के मन्दिरों तथा इमारतों के संग्रहालय के रूप में किया जा सकता है । प्रत्येक मन्दिर नगर के भिन्न-भिन्न पहलुओं को प्रदर्शित करता है । नागर शैली में निर्मित, बाह्य गोलाइयों की विशिष्टता लिये बुर्ज, ओंकार मान्धाता मन्दिर का 'श्री', जहां बारह ज्योतिरर्लिंगों में एक निवास करते हैं, एक बेहतर किस्म के चयनित बलुआ पत्थर से निर्मित हैं जिसकी दीवारों पर जटिल अभिकल्पना से नक्काशी की गई है जिनसे जीवन तथा सौंदर्य छलक रहा है ।

Location and Climate of Omkareshwar भौगोलिक स्थिति एवं जलवायु

जिला खण्डवा समानान्तर बहने वाली दो वृहद नदियों नर्मदा तथा ताप्ती के मध्य घाटियों पर निर्मित पठार पर स्थित है ।
ओंकारेश्वर नर्मदा नदी से घिरा हुआ है जो इसे द्वीपक स्वरूप प्रदान करता है। हट्टी पहाड़ी श्रृंखला सीमा जिले की सम्पूर्ण दक्षिण दिशा की ओर ताप्ती घाटी के सामने स्थित है। जिले की मुखय भू-आकृति नर्मदा घाटी, मुखय सतपुड़ा श्रेणियां, ताप्ती कछार तथा हट्टी श्रेणी के रूप में विभाजित की जा सकती है । निमाड़ (पूर्व) में समोच्च (Contour) की औसत समुद्र स्तर (Mean Sea Level) से सामान्य ऊॅंचाई 1000 फुट (304.8मीटर) है परन्तु जिले की यह ऊंचाई 618 फुट (188.4 मीटर) न्यूनतम नर्मदा के तल पर जिले के सुदूर दक्षिण-पश्चिम में तथा अधिकतम हट्टी श्रेणी के पीपरडोल शिखर पर 3010 फुट (917.5 मीटर) है ।
मानसून माह जून के मध्य से प्रारंभ होकर माह सितम्बर के अन्त तक या अक्टूबर के प्रारंभ में समाप्त होता है । ओंकारेश्वर में औसत वार्षिक वर्षा 770.47 मिमी होती है (जनगणना, 2001 के अनुसार)। शीतकाल में ओंकारेश्वर का अधिकतम तापमान 33.50 सेंटीग्रेड तथा न्यूनतम तापमान 19.80 सेंटीग्रेड होता है ।

Connectivity to Omkareshwar सम्पर्क

मध्यप्रदेश राज्य के अतिरिक्त भारत भर से भी सर्वाधिक दर्शन के लिये आने वाले पर्यटकों के अलावा, इसका द्वीपक (पेसमज) स्वरूप होते हुए भी, ओंकारेश्वर पूर्ण रूप से राज्य के महत्वपूर्ण नगरों तक जिलों से जुड़ा हुआ है । जिला मुखयालय खण्डवा से ओंकारेश्वर की दूरी 77 किलोमीटर है जबकि राज्य की राजधानी, भोपाल से यह 270 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । निकटतम हवाई अड्डा इन्दौर है जो नगर से 77 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । निकटतम रेलवे स्टेशन पश्चिम रेलवे के रतलाम-खण्डवा सेक्शन पर ओंकारेश्वर रोड यहां से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है । ओंकारेश्वर से जुड़ी रेलवे लाईन मीटर गेज है, न कि ब्राड गेज। यह नगर इन्दौर, उज्जैन, खण्डवा तथा ओंकारेश्वर रोड से नियमित बस सेवा द्वारा जुड़ा हुआ है । हाल ही में, भारतीय रेलवे ने कुछ नई सेवाएं 'भारत तीर्थ गाड़ियां' के नाम से प्रारंभ की हैं जो पर्यटन महत्व के स्थानों को आपस में जोड़ेंगी । ओंकारेश्वर को निम्न परिक्रमा (सर्किट) से जैसे कि अहमदाबाद-पुरी-कोलकाता-वाराणसी, इलाहाबाद-इन्दौर- ओंकारेश्वर-उज्जैन-अहमदाबाद संबद्ध किया जाएगा।
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